
रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में सुधार की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। राजधानी रांची और हजारीबाग में पुलिस तथा प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। दोनों जिलों में कुल मिलाकर 900 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिनमें कई छात्र नेता भी नामजद हैं।
रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर हुआ था बवाल
घटना शुक्रवार की है, जब ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच’ के बैनर तले सैकड़ों छात्र अल्बर्ट एक्का चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंकने पहुंचे थे। जब मौके पर तैनात पुलिस बल ने छात्रों को पुतला दहन करने से रोका, तो बात कहासुनी से शुरू होकर धक्का-मुक्की और तीखी झड़प में बदल गई।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने ऑन-ड्यूटी जवानों से उलझकर सरकारी काम में रुकावट डाली, जिसके बाद हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान कई छात्र घायल भी हुए। जब चोटिल छात्र इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचे, तो वहां भी काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
रांची में 14 नामजद समेत 200 पर केस
रांची के कोतवाली थाने में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने कुणाल प्रताप, पीयूष, रविंद्र पासवान और चंडी तिवारी समेत 14 छात्र नेताओं को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि 200 अज्ञात लोगों पर भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस फिलहाल वीडियो फुटेज और तस्वीरों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
हजारीबाग के मटवारी में 700 पर प्राथमिकी
हजारीबाग के मटवारी मैदान में भी छात्रों, पुलिस और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच भारी विवाद देखने को मिला। कोर्रा थाना प्रभारी नेमधारी रजक के मुताबिक, इस मामले में कुल 700 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें 200 लोग नामजद हैं और 500 अज्ञात हैं। पुलिस स्पेशल इंटेलिजेंस और सीसीटीवी फुटेज के जरिए उपद्रवियों को चिह्नित कर रही है और जल्द ही गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हो सकता है।
छात्रों का आरोप -दबाया जा रहा है हमारा आंदोलन
पुलिसिया कार्रवाई से आक्रोशित छात्र संगठनों का कहना है कि वे रोजगार, निष्पक्ष परीक्षाओं और भर्ती आयोगों में पारदर्शी सुधारों को लेकर शांतिपूर्वक आवाज उठा रहे थे। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन बल प्रयोग करके उनकी जायज मांगों को दबाना चाहता है। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि मुकदमों और पुलिस की इस कार्रवाई से उनका हौसला टूटने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज होगा।
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