
Jamshedpur : टाटा स्टील में हाल में हुए वेज रिवीजन समझौते के बाद कर्मचारियों से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर यूनियन के अंदर आवाज उठने लगी है। यूनियन के कमेटी मेंबरों ने प्रेसिडेंट, जनरल सेक्रेटरी और डिप्टी प्रेसिडेंट को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों के हित में विभिन्न मांगों पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है। कमेटी मेंबरों ने कहा कि वेज रिवीजन का लाभ सभी कर्मचारियों को समान और न्यायसंगत तरीके से मिलना चाहिए।
ज्ञापन में एनएस ग्रेड के कर्मचारियों के बंचिंग का मामला प्रमुखता से उठाया गया है। कमेटी मेंबरों का कहना है कि बंचिंग के कारण कुछ कर्मचारियों की इन्क्रीमेंट डेट आगे खिसकने की स्थिति बन रही है। इसकी समीक्षा कर यह सुनिश्चित करने की मांग की गई है कि कर्मचारियों को उनका वार्षिक इन्क्रीमेंट समय पर मिले और इसका असर भविष्य में मिलने वाले वित्तीय लाभ पर नहीं पड़े। इसके अलावा जूनियर एसोसिएट, एसोसिएट और सीनियर एसोसिएट ग्रेड में आने वाले कर्मचारियों के लिए उचित पे प्रोटेक्शन देने की मांग की गई है। कमेटी मेंबरों ने कहा कि ग्रेड में बदलाव के कारण किसी कर्मचारी को पहले से मिल रहे वेतन लाभ का नुकसान नहीं होना चाहिए।
ज्ञापन में 1 जनवरी 2025 के बाद जेएफजी, टीए, जेट और आरआर ट्रेनी स्कीम के माध्यम से कंपनी में समायोजित कर्मचारियों को मिनिमम गारंटीड बेनीफिट (एमजीबी) का लाभ देने की मांग भी की गई है। वहीं, कंपनी आवास के हाउस रेंट रिकवरी की समीक्षा करने का भी आग्रह किया गया है। कमेटी मेंबरों ने यूनियन नेतृत्व से इन सभी मुद्दों को उचित फोरम पर उठाकर कर्मचारियों के हित में सकारात्मक और न्यायसंगत समाधान कराने की मांग की है।
कमेटी मेंबरों का कहना है कि वेज रिवीजन समझौते के बाद इन व्यावहारिक समस्याओं का समाधान जरूरी है, ताकि किसी भी कर्मचारी को वेतन अथवा भविष्य में मिलने वाले वित्तीय लाभ में नुकसान न हो। ज्ञापन सौंपने वालों में कमेटी मेंबर शिवेश वर्मा, संतोष पाण्डेय, मनोज मिश्रा (ट्यूब), विजय श्रीवास्तव, अमोलक सिंह, तपन और अविनाश सिंह सहित अन्य सदस्य शामिल थे।


