
रांची : राजधानी रांची की हवा की गुणवत्ता खराब है। शहर में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को देखते हुए झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रांची नगर निगम के साथ मिलकर एक बड़ा कदम उठाया है। शहर के अलग-अलग मुख्य क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) मॉनिटरिंग स्टेशन यानी हवा की शुद्धता जांचने वाली अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। इसका मकसद हवा की क्वालिटी पर नजर रखना और आम जनता तक इसकी सटीक जानकारी पहुंचाना है।
ये नई तकनीक वाली मशीनें हर वक्त हवा में फैले प्रदूषण के कणों और गैसों की जांच करती हैं। इसके बाद जो आंकड़े सामने आते हैं, उससे लोगों को तुरंत पता चल जाता है कि उनके इलाके की हवा सेहत के लिए कितनी ठीक है।
गुरुवार दोपहर को जो नए आंकड़े सामने आए हैं, वे चिंता बढ़ाने वाले हैं। रांची का एयर क्वालिटी इंडेक्स 106 दर्ज किया गया है। इसे खराब माना जाता है। जांच में सामने आया कि हवा में छोटे धूल कण PM2.5 का स्तर 38 और PM10 का स्तर 48 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया है। इसके साथ ही नाइट्रोजन डाइऑक्साइड 92 ppb और कार्बन मोनोऑक्साइड 35 ppb जैसी जहरीली गैसें भी हवा में घुली हुई पाई गईं।
बुजुर्गों और बच्चों के लिए बढ़ा खतरा
पर्यावरण और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में PM2.5 और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का इस तरह बढ़ना ठीक नहीं है। यह स्थिति फेफड़े और सांस की बीमारी से जूझ रहे मरीजों, छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती है। यह मॉनिटरिंग सिस्टम एक खास इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है। यह न सिर्फ धूल और जहरीली गैसों को मापता है, बल्कि तापमान और मौसम के बदलावों को भी रिकॉर्ड करता है। जैसे ही प्रदूषण तय लिमिट से ऊपर जाता है, यह सिस्टम तुरंत अलर्ट भेज देता है ताकि प्रशासन और आम लोग समय रहते जरूरी कदम उठा सकें।
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